नदी की बाढ़ में बहा किसान, पुलिया में फंसा मिला शव, नहीं थम रही बाढ़ में बहने की घटनाएं

▪️ श्याम यादव, नांदा
भारी बारिश के चलते इस साल नदी, नालों की बाढ़ में लोगों के बहने की घटनाएं खूब हो रही है। यह घटनाएं अभी भी नहीं रुक पाई है। ऐसी ही एक और घटना में एक आदिवासी किसान की नदी की बाढ़ में बहने से मौत हो गई। उसका शव 3 किलोमीटर दूर नदी की पुलिया में फंसा हुआ मिला। लगातार तलाश के बाद एक दिन बाद कहीं शव बरामद हो पाया। घटना भीमपुर ब्लॉक की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भीमपुर की ग्राम पंचायत चोहटा निवासी चिंटू पिता बुद्धू उम्र 51 वर्ष अपने खेत में 5 बजे के लगभग जा रहा था। जिसमें रास्ते में एक कुर्सी नदी पड़ती है। इस नदी को पार करते समय अचानक बाढ़ आ जाने से चिंटू बह गया। बहने के बाद में उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन नदी में पानी होने के कारण वह गांव वाले को नहीं मिल सका। पोपटी गांव के पास एक उसका शव पुलिया में फंस गया था। यहां पानी कम होने के बाद आज उसका शव बरामद हो सका। गांव के लोग उसकी तलाश में पूरे 2 दिन परेशान रहे।
करीब 200 लोग 2 दिन तक नदी के किनारे-किनारे चल कर उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। चोहटा पोपटी से कुनखेड़ी, बोरी, उतरी तक ग्रामीण उसकी तलाश कर चुके थे। इधर झल्लार पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे भी परिजनों को सांत्वना देने मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी परिजनों को दिया। जनपद अध्यक्ष के साथ क्षेत्रीय जनपद सदस्य मुन्ना कास्देकर भी मौजूद थे।



