छोटा महादेव भोपाली: सतपुड़ा की इस गुफा में ठहरे थे भोलेनाथ

भोपाली स्थित छोटा महादेव पावन तीर्थ स्थल है। यह बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के रानीपुर ग्राम से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान पर पहुंचने के लिए देनवा नदी के दर्शन करते हुए पहुंचना पड़ता है। छोटा महादेव तीर्थ स्थल के बारे में बताया जाता है कि यहां पर भस्मासुर नामक राक्षस के भय से भगवान भोलेनाथ सतपुड़ा की पावन गुफा में थोड़ी देर रुके थे। ऐसी धार्मिक मान्यता है।
भगवान शिव की गुफा में शिवलिंग स्थित है। जिसकी पूजा-अर्चना से मनोकामना पूरी होती है। इसी स्थान से जल का एक स्रोत भी निकलता है। जिसके पावन जल के सेवन व सिंचन से रोग दोष नष्ट होते हैं। भोले बाबा के दरबार के पावन जल का बड़ा महत्व है। फसलों पर यदि कोई बीमारी हो तो उसे छिड़कने से बीमारी दूर हो जाती है।
छोटा महादेव भोपाली में शिवरात्रि पर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां का दृश्य बहुत ही सुहावना है सुंदर रमणीय पहाड़ियों में भगवान भोलेनाथ भोले शंकर का यह पावन जागृति स्थल है। यहां पर बार-बार आने को का मन करता है।

इस पावन स्थल पर सतह से 1500 फीट की ऊंचाई पर एक कुआं है। जिसमें शिव की जटाएं हैं। इसके दर्शन भी श्रद्धालु करते हैं। भोपाली के छोटे महादेव की आकृति शेषनाग की फनी जैसी दिखाई देती है। शिवरात्रि पर यह तीर्थ स्थल हर हर महादेव, जय भोले, जय सेवा से गूंज उठता है।
शिवरात्रि के पावन मेले में हजारों लाखों की संख्या में भक्तजन इस पावन धाम में आते हैं और अपनी मनोकामना पूरी करते हैं इसे मनोकामना सिद्ध स्थल भी कहा जाता है। यहां की व्यवस्था समिति एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा की जाती है। वहीं समय-समय पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी दिया जाता है। जिससे कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कर सके।
यहां पर कुछ श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद, भोजन, भंडारे की भी व्यवस्था की जाती है। शिवरात्रि में कई लोग पैदल यात्रा भी करते हैं। पैदल यात्रा का भी बड़ा महत्व बताया गया है। यहां पर ध्वज त्रिशूल भी चढ़ाया जाता है। इस पावन स्थल पर यज्ञ पूजन, भजन, रामसत्ता, रामायण, भागवत कथाओं का भी आयोजन किया जाता है।



