आमंत्रण पत्र में अध्यक्ष का गलत नाम, आयोजन में भी खामियों का अंबार
जनपद पंचायत प्रांगण में बुधवार को संत शिरोमणि रविदास जयंती का आयोजन जनपद स्तर पर किया गया। इस आयोजन में कई अनियमितताएं देखने को मिलीं। एक ओर जहां आमंत्रण पत्र में जनपद अध्यक्ष का नाम ही गलत लिख दिया गया था। वहीं आयोजन के दौरान भी नियम कायदों की धज्जियां उड़ती नजर आईं।
सरकार ने कोरोना महामारी को लेकर लगाए सभी प्रतिबंध भले ही हटा दिए गए हैं परंतु मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश अभी भी हैं। आज हुए कार्यक्रम में अधिकारी खुद ही मास्क का उपयोग करते नजर नहीं आए। कार्यक्रम में आए लोग भी बिना मास्क के ही थे, लेकिन किसी ने उन्हें मास्क लगाने की सलाह देना तक मुनासिब नहीं समझा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होते हुए नहीं देखा गया।
डिस्पोजल का धड़ल्ले से किया गया उपयोग
सरकार द्वारा डिस्पोजल गिलास का उपयोग नहीं करने के निर्देश होने के बावजूद भी जनपद पंचायत के कार्यक्रम में डिस्पोजल के माध्यम से कार्यक्रम में आए लोगों को पानी पिलाया गया। डिस्पोजल रखने डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होने से लोगों द्वारा पानी पीकर डिस्पोजल यहां वहां फेंके जा रहे थे। नगर परिषद नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जी-जान से कोशिश कर रही है। इसके विपरीत जनपद पंचायत का यह कृत्य नप के प्रयासों पर पानी फेरता हुआ नजर आया।

गलत नाम का बंट गया आमंत्रण पत्र
कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने जनपद की राजनीतिक मुखिया अध्यक्ष का सही नाम तक आमंत्रण पत्र में देने की गंभीरता नहीं दिखाई। सोशल मीडिया पर पहले जो आमंत्रण पत्र भेजे गए थे उनमें जनपद अध्यक्ष का नाम गुड्ड बाई कावरे लिख दिया गया। लोगों ने जब तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ध्यान आकर्षित कराया तब आनन-फानन में जनपद पंचायत द्वारा अध्यक्ष का नाम सही कर दोबारा आमंत्रण पत्र सोशल मीडिया के माध्यम से बांटा गया। इससे जाहिर है कि अफसरों ने पहले आमंत्रण पत्र को देखना तक उचित नहीं समझा था।

आधा घण्टे देरी से हुआ कार्यक्रम का प्रसारण
इसके साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत में ही कनेक्टिविटी नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम का करीब 30 मिनट देरी से लाइव प्रसारण किया गया। जिस पर कार्यक्रम में आए लोगों ने जनपद पंचायत सीईओ एवं कार्यक्रम प्रभारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की।



